प्रस्तावना- हिंदी कथा-साहित्य के विकास में मुंशी प्रेमचंद का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक माना जाता है। प्रेमचंद ने हिंदी कहानी को केवल मनोरंजन की विधा न रहने देकर उसे
अपनी संवेदना, विचार और भावनाओं को किसी अन्य व्यक्ति के साथ में साझा करने को संप्रेषण कहते हैं। संप्रेषण आज के समय में एक सामान्य सी प्रक्रिया है। जो समाज
विश्व मानचित्र पर प्रतिस्थापित देशों के बीच जो सबसे ज्वलंत और महत्वपूर्ण मसला है वह है — सुरक्षा। हर राष्ट्र अपनी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ (1911-1987) का निबंध ‘रूढ़ि और मौलिकता’, जो उनके संग्रह ‘आत्मनेपद’(1) में संकलित है, केवल कला और साहित्य पर एक चिंतन-मनन नहीं है, बल्कि यह उस युग की