अपनी संवेदना, विचार और भावनाओं को किसी अन्य व्यक्ति के साथ में साझा करने को संप्रेषण कहते हैं। संप्रेषण आज के समय में एक सामान्य सी प्रक्रिया है। जो समाज
विश्व मानचित्र पर प्रतिस्थापित देशों के बीच जो सबसे ज्वलंत और महत्वपूर्ण मसला है, वह है — सुरक्षा। हर राष्ट्र अपनी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ (1911-1987) का निबंध ‘रूढ़ि और मौलिकता’, जो उनके संग्रह ‘आत्मनेपद’(1) में संकलित है, केवल कला और साहित्य पर एक चिंतन-मनन नहीं है, बल्कि यह उस युग की
क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया की सबसे अनमोल वस्तु क्या हो सकती है? आप में से कोई कहेगा की दौलत है,घर प्रेम,धन,पद,ऐश्वर्य,पैसा – रूपया है परंतु गुलाम भारत
साहित्य मुख्यतः दो विधाओं में रचा जाता है। जिसे हम गद्य और पद्य कहते हैं गद्य में कहानी नाटक उपन्यास आदि विधा आती हैं जबकि पद्य में प्रबंध, मुक्तक, कविता,