
टिप्पण का नाम अक्सर हम सरकारी कार्यालयों के कामकाज में सुनते रहते हैं। जिसको इंग्लिश में नोट बोलते हैं। आज हम इसी विषय को जानेंगे और पढ़ेंगे की टिप्पण होता क्या है?
भारत के सभी कार्यों में कामकाज करने की एक व्यवस्थित और सुनियोजित पद्धति होती है। अक्सर हम देखते हैं कि एक कार्यालय दूसरे कार्यालय को पत्र भेजता है। कार्यालयों को विभिन्न जगहों से विभिन्न प्रकार के पत्र भी प्राप्त होते हैं। सभी पत्रों पर विचार करके निर्णय लेकर सभी पात्रों का उत्तर देना उनका फीलिंग करना आदि कार्य करने के लिए एक सुनियोजित पद्धति का पालन किया जाता है इस संयोजित कार्य के अंतर्गत सरकारी तथा भारत सरकार के अधीन संस्थान कंपनी प्रतिष्ठान बैंक निगमन आदि सभी अक्सर टिप्पण और मसौदा लेखन का प्रयोग करते हैं।
भारत सरकार के बहुत सारे मंत्रालय और विभाग हैं और कार्यालय भी हैं इन विभागों और कार्यालय में टिप्पण और मसौदा लेखन को बहुत ही महत्व दिया जाता है। जब भी हम कोई सरकारी ऑफिस में जाते हैं तो वहां के कर्मचारियों से पूछ बैठते हैं कि सर हमारी फाइल कहां तक पहुंची। इससे हम समझ सकते हैं कि सरकारी कार्यालय में फाइल का बहुत ज्यादा चलन है।
कार्यालय या मंत्रालय के स्थाई पते पर दस्ती के माध्यम से( किसी आदमी के हाथ से भेजा गया) या डाक से आए हुए तमाम पत्र आदि जो कार्यालय के खुलने और बंद होने की समय सीमा होती है इस अंतराल के बीच आवती कर्मचारी ( रिसीविंग क्लर्क ) द्वारा लिए जाते हैं। जब वह पत्र किसी विशेष अधिकारी के नाम से आता है तो वह पत्र स्वयं स्वयं वह अधिकारी लेता है। या फिर इस कार्य के लिए जो सहायक नियुक्त कर रखा है उसे अधिकारी ने तो वह सहायक उसे पत्र को प्राप्त करता है। जैसे ही वह पत्र प्राप्त होता है उसे पत्र को पढ़कर उसे पर नोटिंग किया जाता है यदि उसे पत्र पर नोटिंग करने वाला सक्षम अधिकारी किसी कारणवश छुट्टी पर है तो उसके द्वारा नियुक्त सक्षम अधिकारी उस पत्र पर टिप्पण देगा।
सरकारी कार्यों को प्रत्येक दिन बहुत सारे पत्र प्राप्त होते हैं तथा कर्मचारियों द्वारा अपने कार्य के हेतु बहुत सारे आवेदन पत्र तथा प्रार्थना पत्र पत्र भी प्राप्त होते हैं इन प्राप्त सभी पत्रों का निपटारा जब सरकारी कार्य प्रणाली के आधार पर उसका निपटा सुझाव निर्णय आदि अभियुक्तियां फाइल पर लिखे जाते हैं उन्हें टिप्पण या नोटिंग कहते हैं। हमें जो भी पत्र प्राप्त हुए हैं या कहें जो भी मामले विचाराधीन है उसके बारे में बहुत ही कम शब्दों में महत्वपूर्ण बातों को लिखकर उल्लिखित करना ही टिप्पण है।
कार्यालय में टिप्पण करते समय हमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होता है जिसकी चर्चा हम नीचे बिंदुवार करेंगे। जब सरकारी कार्यालय में पत्र प्राप्त होते हैं तो उसे पर टिप्पण करने की निम्नलिखित प्रक्रिया होती है। जैसे ही कार्यालय में कोई पत्र प्राप्त होता है तो कार्यालय का लिपिक तथा सहायक उस पत्र पर टिप्पण लिखता है। कार्यालय का अनुभाग अधिकारी या अधीक्षक लिखी हुई टिप्पणी को पढ़कर उस पर अपना हस्ताक्षर करता है।
यदि किसी कार्यालय में सहायक ने किसी पहले के पत्र पर अपनी टिप्पण कर दी है। वह चाहता है कि कार्यालय का अवर सचिव भी इस पर अपनी बात रखें तो अपनी टिप्पण के साथ वह अवर सचिव के पास पत्र भेजता है। जैसे ही अवर सचिव उस पत्र पर अपना टिप्पण कर दिया तो वह अपने टिप्पण के साथ उस पत्र को उपसचिव को भेजेगा। उस पत्र में जो विचाराधीन मामला है अगर वह उपसचिव के स्तर तक ही निपटाया जा सकता है तो उपसचिव उस विचाराधीन मामले पर अपना आवश्यक आदेश देकर उस पत्र पर अपना हस्ताक्षर करता है और मामले का निपटारा हो जाता है।
यदि वह विचाराधीन मामला बहुत ही गंभीर और महत्वपूर्ण है तो उपसचिव उसे पत्र पर अपनी टिप्पण देकर उस पत्र पर आवश्यक कार्यवाही करने के लिए अपर सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी) या संयुक्त सचिव के पास भेज देता है। यदि उस पत्र का निपटारा संयुक्त सचिव अथवा सचिव के स्तर नहीं हो पाता तो उस पत्र पर आवश्यक टिप्पणी करके मामले पर आवश्यक निर्णय लेने के लिए संबंधित मंत्री या प्रधान मंत्री के पास भेजा जाता है। इस तरह हम समझ सकते हैं कि कुछ गंभीर मामलों का निपटारा उच्च स्तर तक किया जाता है।
जिस तरह का मामला होता है उस तरह का टिप्पण किया जाता है। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि टिप्पण के भी कई प्रकार हैं जैसे-
अक्सर सक्षम अधिकारियों द्वारा लिखा जाता है। जो किसी विषय पर निर्णय लेने के सर्वोच्च अधिकारी होते हैं। इस टिप्पण को लिखने में कम से कम शब्दों की आवश्यकता होती है। आदेश आत्मक टिप्पण के शब्दकोश में दिए गए आदेश की पालन करने की भावना छिपी रहती है। जिसको तत्काल प्रभाव से पालन करने के लिए तथा लागू करवाने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों तथा कर्मचारी की जिम्मेदारी होती है। आदेशाआत्मक टिप्पण के कुछ उदाहरण-
तत्काल कार्रवाई की जाए।
यथा प्रस्तावित कार्रवाई करें।
शीघ्र कार्रवाई करें।
संबंधित व्यक्ति से स्पष्टीकरण मांगा जाए।
आदेश जारी करें।
इसे सावधानी पूर्वक नोट किया जाए।
कार्यालय के अधीनस्थ कर्मचारी किसी विषय पर कार्यालय के उच्च अधिकारी का विचार जानने के लिए विचारात्मक टिप्पणी लिखते हैं। इन टिप्पणियों में विचाराधीन पत्र या कागज पर कार्यालय की क्या नीति है? परंपरा क्या है? तथा नियम आदि क्या है? इसका उल्लेख किया जाता है। या फिर पत्र में लिखे गए संपूर्ण बात का खुलासा करके उच्च अधिकारी के पास उसके विचार जानने के लिए भेजा जाता है।
छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री की यात्रा को फिलहाल में परिवर्तन करना आवश्यक हो गया है।
महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव के संपूर्ण बिल का जांच कर लिया गया है यदि लेखा अधिकारी की अनुमति हो तो इन्हें भुगतान के लिए स्वीकार कर लिया जाए।
नेमी टिप्पण-
कार्यालय के अंदर प्रशासनिक कार्य से संबंधित नेमी टिप्पणी किए जाते हैं यह टिप्पण बहुत ही संक्षिप्त में लिखे जाते हैं यह टिप्पण कार्यालय के रोजमर्रा के अंग हैं नेमी टिप्पण को हम कुछ उदाहरण के माध्यम से समझ सकते हैं-
रेखांकित पर टिप्पणी दें।
स्वीकृत।
आगे भेजने के लिए।
चर्चा कीजिए।
देख लिया।
कृपया प्रस्तुत करें।
जारी कर दिया।
भुगतान के लिए पास किया गया।
सामान्य टिप्पणी-
उसे समय किया जाता है जब कार्यालय में पत्र या मामले पहली बार प्राप्त होते हैं। यह पत्र या मामले पहली बार प्राप्त होते हैं तो इसका कोई पूर्ववर्ती प्रसंग नहीं होता तो इसे एक विशेष रूप में लिखना होता है।
विवेचनात्मक टिप्पण-
जब कार्यालय में किसी गंभीर अथवा महत्वपूर्ण मसले या विषय पर कोई कार्रवाई करनी होती है तो विवेचनात्मक टिप्पणी लिखे जाते हैं। यह टिप्पण उस कर्मचारी अथवा अधिकारी द्वारा लिखा जाता है जो संबंधित मामले अथवा विषय की बहुत अच्छी जानकारी रखता हो क्योंकि गंभीर अथवा महत्वपूर्ण विषयों पर बहुत ही विस्तार और गहराई के साथ विश्लेषण करना होता है जैसे कार्यालय के किसी नियम में संशोधन या परिवर्तन करना हो।
किसी संवैधानिक विषय अथवा नियम को व्याख्याित करना हो आदि।
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