गुप्त राजाओं का काल भारतीय इतिहास में ‘स्वर्णयुग’ के नाम से प्रसिद्ध है। इस सभ्यता और संस्कृति के प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। अब हम इन्ही विकास की
गुप्त राजाओं का काल भारतीय इतिहास में ‘स्वर्णयुग’ के नाम से प्रसिद्ध है। इस सभ्यता और संस्कृति के प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। अब हम इन्ही विकास की
गुप्तचर प्रशासन- मौर्य काल में गुप्तचर प्रशासन का महत्वपूर्ण स्थान था मौर्य काल में गुप्तचरों को गूढ़पुरुष कहा जाता था। मौर्य काल में 5 प्रकार के गुप्तचरों का पता चलता
नन्द वंश के अन्तिम शासक धनानंद को मारकर चंद्रगुप्त मौर्य ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना किया। यूनानी लेखकों ने उसका नाम सेंड्रोकोट्स बताया। सर्वप्रथम इसकी पहचान चंद्रगुप्त मौर्य के रूप
प्रयागराज कुंभ में विश्व के कोने कोने से आने वाले भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक मेला जहां एक ही समय, एक ही जगह
मीनाक्षी अम्मन मंदिर- मदुरई वैगई नदी के किनारे बसा हुआ तमिलनाडु का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। शायद सबसे पुराना भी। कभी यह पांडय साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी।